उत्तर प्रदेश सरकार ने UPBOCW के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए महात्मा गाँधी पेन्शन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर श्रमिकों को प्रतिमाह ₹1,000 की पेंशन दी जाती है।
योजना की मुख्य विशेषताएं
- मासिक पेंशन राशि: ₹1,000 प्रतिमाह
- पेंशन सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से
- श्रमिक की मृत्यु के बाद पति/पत्नी को पेंशन जारी
- पत्नी की भी मृत्यु के बाद पेंशन बंद हो जाती है
पात्रता (Eligibility)
- UPBOCW में न्यूनतम 10 वर्षों से पंजीकृत श्रमिक।
- आयु 60 वर्ष या उससे अधिक हो गई हो।
- किसी अन्य सरकारी पेंशन योजना का लाभार्थी न हो।
- पंजीयन का नवीनीकरण समय पर हुआ हो।
आवश्यक दस्तावेज़
- UPBOCW पंजीयन प्रमाणपत्र
- आधार कार्ड
- आयु प्रमाण पत्र (जन्म प्रमाण पत्र / आधार)
- बैंक पासबुक की छायाप्रति
- पासपोर्ट साइज फोटो
- स्व-घोषणा पत्र
आवेदन की प्रक्रिया
- UPBOCW पोर्टल uplmis.in पर जाएं।
- लॉगिन करें और "योजना आवेदन" पर जाएं।
- योजना में "महात्मा गाँधी पेन्शन योजना" चुनें।
- मांगी गई जानकारी भरें और दस्तावेज़ अपलोड करें।
- Submit करें। आवेदन संख्या नोट करें।
पेंशन कब से मिलेगी?
आवेदन स्वीकृत होने के बाद अगले महीने से पेंशन शुरू होती है। पेंशन प्रतिमाह निर्धारित तारीख को आपके बैंक खाते में DBT के माध्यम से जमा होती है।
⚠️ सावधान: यदि पंजीयन का नवीनीकरण नहीं हुआ या पंजीयन निरस्त हो गया तो पेंशन रोकी जा सकती है। पेंशन जारी रखने के लिए जीवित प्रमाण पत्र (Life Certificate) समय-समय पर जमा करना आवश्यक है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या पेंशन के लिए अलग से आवेदन करना होगा?
हाँ, 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर श्रमिक को स्वयं UPBOCW पोर्टल पर महात्मा गाँधी पेन्शन योजना के लिए आवेदन करना होगा।
क्या परिवार के अन्य सदस्यों को भी पेंशन मिल सकती है?
नहीं। यह पेंशन केवल पंजीकृत श्रमिक को मिलती है। श्रमिक की मृत्यु के बाद पति या पत्नी को पेंशन जारी रहती है, परंतु दोनों की मृत्यु के बाद योजना समाप्त हो जाती है।